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+25 प्रेमानंदजी के अनमोल विचार और Daily Quotes हिंदी में

+25 प्रेमानंदजी के अनमोल विचार और Daily Quotes हिंदी में

Premanandji Maharaj
आज के इस दौर में जहाँ हर व्यक्ति मानसिक तनाव, रिश्तों की कड़वाहट और भविष्य की चिंता में डूबा है, वहीं वृंदावन की पावन धरा से पूज्य श्री प्रेमानंद जी महाराज की वाणी एक शीतल झोंके की तरह आती है। महाराज जी के विचार केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन की कड़वी सच्चाइयों का मीठा समाधान हैं। आइये, इन 25 अनमोल विचारों (Quotes In Hindi, Premanandji Maharaj Quotes, Quotes, Daily Life Quotes etc.) को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हैं।
भक्ति दुख मिटाने के लिए नहीं, बल्कि लड़ने की शक्ति के लिए है,
इससे संसार के सागर को पार करने का ज्ञान मिलता है,
और हम हर सुख-दुख में स्थिर रहना सीख जाते हैं।
यदि दुनिया में आपका कोई काम नहीं बन रहा, तो भी नाम जप न छोड़ें,
वह आपके उन पुराने पापों को नष्ट कर रहा है जो बाधा बने हुए हैं,
एक दिन भक्ति का फल आपके हृदय में नाचने लगेगा।
जैसे सूर्य के सामने कभी अंधेरा टिक नहीं सकता,
वैसे ही भगवान के सामने कभी अमंगल नहीं हो सकता,
वे परम करुणामयी हैं, उनसे कभी बुरा नहीं हो सकता।
हर जीव में अपने प्रभु के दर्शन करना शुरू कर दो,
फिर न काम सताएगा, न क्रोध और न ही मोह,
जब हर जगह प्रियतम होंगे, तो नफरत किससे करोगे?
यदि कोई गाली दे, तो चुप रहकर अपना समय बचा लो,
लड़ने से नया कर्म बनेगा, सहने से पुराना हिसाब कटेगा,
दंड देने वाला ऊपर बैठा है, तुम अपनी शांति मत खोओ।
Daily Life Quotes
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संत के पास बैठना ही सानिध्य नहीं है, उनकी बात मानना सानिध्य है,
यदि उनकी शिक्षा हर समय आपके दिमाग में है,
तो समझो आप हर पल संत के साथ ही रह रहे हो।
भगवान के आश्रित होने का अर्थ है हर श्वास में उनका चिंतन,
जैसे लोभी को धन और कामी को काम याद रहता है,
वैसे ही भक्त को बिना प्रयास के प्रभु याद रहने चाहिए।
यह शरीर सिर्फ खाने-कमाने के लिए नहीं, मुक्ति के लिए मिला है,
बाकी योनियों में बुद्धि काम नहीं करेगी, अभी मौका है,
थोड़ा राधा-राधा जप लो, इसी में तुम्हारा परम मंगल है।
संसार का दुख वैसा ही है जैसे सपने में गला कटना,
जब तक सो रहे हो डर लगता है; जागते ही पता चलता है सब झूठ था,
मोह की नींद से जागो, तो सारा दुख गायब हो जाएगा।
जो आपका बुरा करे, उसके लिए दंड नहीं, बुद्धि शुद्धि की प्रार्थना करो,
दंड देने से अपराधी और बढ़ेगा, प्रार्थना से वह महात्मा बन सकता है,
हम भक्त हैं, हमें सबका मंगल ही चाहना चाहिए।
घर की छोटी-मोटी कड़वाहट और अभावों को सहना ही तपस्या है,
लेकिन धर्म, राष्ट्र और चरित्र पर बात आए तो सहन मत करो,
वहां अधर्म को रोकना ही ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा है।
Quotes In Hindi
प्रभु को सब कुछ पसंद है, पर अहंकार बिल्कुल नहीं,
अपनी भक्ति और माला का प्रदर्शन कभी मत करो, इसे छुपा कर रखो,
अहंकार आया नहीं कि आप प्रेम की राह से गिरे नहीं।
सालों पुराने पाप भी एक पल में भस्म हो सकते हैं,
जैसे एक माचिस की तीली पूरे खेत को राख कर देती है,
वैसे ही आर्त भाव से लिया गया प्रभु का एक नाम काफी है।
बैंक बैलेंस और भोग बढ़ने से सिर्फ अशांति ही बढ़ेगी,
सच्ची शांति चाहिए तो भजन और धर्म का मार्ग चुनो,
भोग में जो आनंद दिखता है, वो असल में होश की बेहोशी है।
जो व्यवहार आपको अपने लिए पसंद नहीं, वो दूसरों के साथ न करें,
दूसरों की बहन-बेटी को उसी नजर से देखें जैसा अपनी के लिए चाहते हैं,
यही सब शास्त्रों का निचोड़ और मानवता का धर्म है।
मन बहुत हठी है, यह बार-बार आपको भोगों की तरफ खींचेगा,
माला जपते समय भी यह 'पानी-पूरी' जैसे स्वाद याद दिलाएगा,
इसकी चालों को समझो और हर बार 'ना' कहना सीखो।
दुख में भूलो नहीं और सुख में फूलो नहीं, दोनों अस्थायी हैं,
रात है तो दिन आएगा, और दिन है तो रात की तैयारी रखो,
इन दोनों से ऊपर उठकर प्रभु में स्थिर होना ही जीवन है।
जिस दिन से आप सच्चे दिल से पुकारोगे, प्रभु हाथ थाम लेंगे,
फिर दुनिया के थपेड़े आपको विचलित नहीं कर पाएंगे,
बस विश्वास रखो कि वो मंगल भवन कभी अमंगल नहीं करेंगे।
जो हुआ सो हुआ, आज से संकल्प करो कि नया पाप नहीं करेंगे,
पुराने पापों की चिंता छोड़ो, नाम जप उन्हें जलाकर राख कर देगा,
अब अपनी राह सुधार लो, मंजिल खुद-ब-खुद मिल जाएगी।
अपनी इंद्रियों को शासन में रखना ही असली वीरता है,
गंदा आहार और गंदा विचार मन को बीमार कर देते हैं,
शुद्ध रहो, भजन करो और जीवन को आनंदमय बनाओ।
भगवान बुराई करने वालों का विनाश करते हैं, पर संत बुराई का,
वे पापी को नहीं, उसके भीतर के पाप को मारकर नया जीवन देते हैं,
उनकी शरण में जाना ही दुखों का अंत है।
जो दुख मिल रहा है, वह हमारे ही पुराने कर्मों का फल है,
इसे हंसकर स्वीकार करो और नए अच्छे कर्मों की नींव रखो,
भविष्य आपके आज के 'नाम जप' पर निर्भर करता है।
किसी की निंदा करना या सुनना, दोनों ही भक्ति में बाधक हैं,
अपनी जुबान पर प्रभु का नाम रखो और कानों में उनकी लीला,
संसार की बातों में उलझोगे तो प्रभु से दूर हो जाओगे।
प्रभु से प्रेम का अर्थ है उनकी आज्ञा में रहना,
अगर स्मरण छूट जाए, तो ऐसी व्याकुलता हो जैसे प्राण निकल रहे हों,
यही भक्त के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
पड़ोस के वैभव को मत देखो, अपनी नमक-रोटी में संतुष्ट रहो,
प्रेम से रहो, धर्म का पालन करो और निरंतर राधा-नाम गाओ,
यही वो बातें हैं जो आपके जीवन को स्वर्ग बना देंगी।
महाराज जी के ये विचार हमें याद दिलाते हैं कि शांति बाहर की दुनिया में नहीं, बल्कि हमारे भीतर के संतोष और ईश्वर के प्रति समर्पण में है।

उम्मीद है कि ये 25 कोट्स आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरेंगे। क्या आप महाराज जी के किसी खास उपदेश का पालन करते हैं? हमें कमेंट में जरूर बताएं और इस पोस्ट को शेयर करें।
राधे राधे!

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